रमजान माह के तीसरे जुम्मे में मुल्क की तरक्की और अमन—चैन के लिए दुआएं मांगी

जोधपुर। रहमतों व बरकतों के महीने में आज शहर ए जोधपुर की ईदगाह बड़ी मस्जिद सहित खेतानाड़ी ईदगाह, चीरघर स्थित मदरसा अशफाकिया मस्जिद, बम्बा बडी, व छोटी मस्जिद, उदयमंदिर, आसन, नागौरी गेट, सिवांची गेट, प्रताप नगर, कबीर नगर, राजीव गांधी कॉलोनी, लखारान सहित तमाम मस्जिदों व इबादतगाहों में रमजान के तीसरे जुम्मे की नमाज अदा की गई।

आध्यात्मिक इस्लामी संस्थान दारूल उलूम इस्हाकिया मुफ्ती ए आजम राजस्थान मुफ्ती शेर मोहम्मद रिजवी ने कहा कि रमजान का पहला अशरा मुकम्मल होने के साथ ही अभी रमजान का दूसरा असरा चल रहा है, जिसे अशरा ए मगफिरत कहा जाता है।

रोजेदारों ने पहले असरे में रहमत और बरकत की व दूसरे असरे में अपने व तमाम अहले वतन के लिए अल्लाह की बारगाह में इबादत करते हुए गुनाहों से मगफिरत की दुआएं मांगीं।

सूर्यनगरी जोधपुर ईदगाह बड़ी मस्जिद के पेश इमाम मौलाना मोहम्मद हुसैन अषरफी, चीरघर अषफाकिया मस्जिद के मौलाना मोहम्मद आदम खान कादरी व सभी मस्जिदों में उलेमा ए किराम ने नमाजियों को कुरान मजीद से दूसरे असरे की अहमियत बयां करते हुए कहा कि रमजानुल मुबारक के ग्यारह रमजान से बीसवें रमजान के रोजों के दौरान सभी नौजवान, बुजुर्ग, बच्चे और बच्चियाँ ज्यादा से ज्यादा समय अल्लाह की इबादत में गुजरे, क्योंकि अल्लाह पाक फरिश्तों को जमीन पर भेजकर एलान करवाता है कि ‘‘है कोई नेक बन्दा जो अपनी मगफिरत चाहता है।’’ क्योंकि इस असरे में अल्लाह गुनाहों से पाक होने के लिए मगफिरत के सभी दरवाजे खोल देता है।
आज रमजान के तीसरे जुम्मे में सभी रोजेदारों ने अल्लाह से अपनी रहमत से मुल्क की तरक्की और अमन के लिए दुआ मांगी। अशरा ए मगफिरत के साथ ही इबादतगुजारों ने रो-रोकर अल्लाह से अपने गुनाहों की माफी मांगी। रमजान के तीसरे जुम्मे को भी ईद जैसे माहौल में जुम्मे की नमाज को निहायत अदब ओ एहतराम (संजीदगी व शांति के साथ) के साथ अदा की गई।

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